May 30, 2026

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की देहरादून बैठक का मुख्य सार: अंतर्विरोध खत्म करें और बूथ मजबूत बनाएं

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देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले खुद को एक सामान्य कार्यकर्ता और राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपना 'बॉस' बताकर संगठन की जो मर्यादा तय की थी, ठीक उसी अंदाज और तेवर में शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नजर आए। अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान उन्होंने सूबे के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने जिस बारीकी, गंभीरता और कड़ाई से हर बैठक का संचालन किया, उसके बाद पूरी राज्य इकाई उनके इस 'बॉस' अंदाज की कायल हो गई है। जिसे नेता अब तक महज एक युवा अध्यक्ष मानकर चल रहे थे, उनका सख्त और स्पष्ट नेतृत्वकर्ता का रूप सबको भा गया।

बैठकों के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन किसी सामान्य औपचारिक दौरे की तरह नहीं, बल्कि हर एक विधानसभा और बूथ की पूरी जमीनी हकीकत अपनी फाइल में समेटकर पहुंचे थे। मंथन के दौरान जब कुछ विधायकों और नेताओं ने अपनी रिपोर्ट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने या गलत तथ्य बताने की कोशिश की, तो अध्यक्ष ने उन्हें तुरंत बीच में ही टोक दिया और आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने एक-एक बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारियों से अलग-अलग पूरी रिपोर्ट ली, जहां कमियां थीं उन्हें सुधरवाया और साथ ही जमीनी जीत का अचूक फॉर्मूला भी सुझाया। अध्यक्ष नवीन ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी को साल 2022 के विधानसभा चुनाव की 47 सीटों के आंकड़े से काफी आगे बढ़ने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने रणनीतिक मंत्र देते हुए कहा कि नेता यह विश्लेषण करें कि किस विधानसभा में हम किन समुदायों या वर्गों तक अभी तक अपनी पहुंच नहीं बना पाए हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि उन अछूते लोगों के बीच जाकर पार्टी की पैठ मजबूत करें। उन्होंने नेताओं को सचेत किया कि ठीक तीन से चार महीने बाद वे दोबारा उत्तराखंड आएंगे और हर विधानसभा को दिए गए एक-एक लक्ष्य की विस्तार से समीक्षा करेंगे। पार्टी के भीतर किसी भी तरह के अंतर्विरोध को रोकने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधायकों को बेहद कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "अगर आपस में कोई मनमुटाव या शिकायत है, तो घर की बात को कमरे के भीतर ही रखें। सोशल मीडिया या किसी अन्य बाहरी माध्यमों पर बयानबाजी करने से पूरी तरह बचें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी बात रखने के लिए संगठन का फोरम उपलब्ध है और किसी भी बड़े विषय पर केवल पार्टी हाईकमान से ही चर्चा करें। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता के बीच विधायकों की व्यक्तिगत छवि ही पूरी पार्टी की छवि तय करती है, इसलिए देवभूमि में लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत पक्की करने के लिए अनुशासन और पार्टी लाइन पर चलना अनिवार्य है।