Jul 02, 2026

नैनीताल में आपदा तैयारियों का आकलन करने के लिए मॉक ड्रिल

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नैनीताल। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से गुरुवार को नैनीताल जिले में व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिले के पांच प्रमुख शहरों में आयोजित इस अभ्यास के तहत विभिन्न विभागों की समन्वित कार्यप्रणाली, संसाधनों की उपलब्धता और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया गया। नैनीताल शहर के अल्मा कॉटेज क्षेत्र में भूस्खलन की काल्पनिक घटना तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल की शुरुआत सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर हुई, जब जिला आपदा परिचालन केंद्र को सूचना मिली कि नैनीताल के अल्मा कॉटेज क्षेत्र में भारी भूस्खलन हो गया है और कई लोग मलबे में दब गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल आपदा प्रबंधन की एसओपी के तहत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट जारी किया और राहत एवं बचाव दलों को मौके के लिए रवाना कर दिया। घटना स्थल पर पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, पेयजल विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों की टीमें निर्धारित समय में पहुंचीं। इसके अलावा 14 युवा कैडेट और 11 माउंटेन ब्रिगेड की सेना इकाई ने भी बचाव अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी टीमों ने आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल का सफल प्रदर्शन किया।

आधुनिक उपकरणों की मदद से चला रेस्क्यू अभियान
मॉक ड्रिल के दौरान बचाव दलों ने अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और तकनीकों का उपयोग किया। अभियान में सैटेलाइट फोन, फोल्डिंग स्ट्रेचर, हार्ड बोर्ड, मजबूत रस्सियां, हेलमेट, जुमार, कैरेबिनार, हार्नेस, नी पैड, वर्किंग ग्लव्स, कार्बाइड चेन सॉ, गैंती, फावड़ा, सब्बल, वुड कटर, आयरन कटर, डेकन लाइट तथा अन्य तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की। मेडिकल किट में फर्स्ट एड सामग्री, रुई, पट्टियां, बीटाडीन, गॉज, स्टेथोस्कोप सहित आवश्यक चिकित्सकीय उपकरण मौजूद रहे। आवश्यकता पड़ने पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बड़ी और छोटी एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात रखी गईं।

मलबे से आठ घायलों का सफल रेस्क्यू
मॉक ड्रिल के दौरान काल्पनिक रूप से मलबे में दबे आठ घायलों को रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार देने के बाद सभी घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान रेस्क्यू टीमों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर राहत कार्य पूरा कर अपनी कार्यकुशलता और समन्वय का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन, बादल फटने और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना था। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संसाधनों, संचार व्यवस्था, राहत कार्यों की गति और विभागों के बीच समन्वय का भी निरीक्षण किया।