Jun 20, 2026

यूपीसीएल प्रॉफिट मार्जिन: 328 करोड़ के शुद्ध लाभ के साथ उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड बना मुनाफे वाली कंपनी

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देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार करते हुए घाटे के दौर को पीछे छोड़ दिया है। ताजा ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, निगम ने इस साल 328 करोड़ रुपये का बंपर शुद्ध लाभ कमाया है। हालांकि, इस रिकॉर्ड मुनाफे के बाद भी यूपीसीएल के लिए आगे की राह आसान नहीं है, क्योंकि उसकी बंपर कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा बाहरी बाजारों से महंगी बिजली खरीदने में खर्च हो रहा है। ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय बढ़कर 11,715 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जो इससे पिछले वर्ष में 11,032 करोड़ रुपये थी।

यूपीसीएल की तिजोरी भरने में मुख्य भूमिका बिजली की बिक्री और अन्य परिचालन  से होने वाले राजस्व की रही है। यह आंकड़ा 10,347 करोड़ से बढ़कर 11,010 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, अन्य वैकल्पिक स्रोतों से भी निगम को 705 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। मुनाफे के साथ-साथ इस वित्तीय वर्ष में यूपीसीएल का कुल खर्च भी बढ़कर 11,386 करोड़ रुपये रहा। खर्चों का सबसे बड़ा हिस्सा बिजली खरीद  की भेंट चढ़ गया। तकनीकी और प्रशासनिक मोर्चे पर यूपीसीएल को बड़ी सफलता मिली है। बिजली चोरी रोकने और लाइनों को दुरुस्त करने के चलते कंपनी का एटीएंडसी  लॉस 14.55% से घटकर 13.58% पर आ गया है। इसके साथ ही बिलिंग दक्षता में सुधार हुआ है और यह 87.92 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसी का नतीजा है कि 31 मार्च 2026 तक यूपीसीएल की कुल संपत्ति और देनदारियों का आकार बढ़कर 14,646 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल तक 11,500 करोड़ रुपये था। आर्थिक मोर्चे पर भले ही यूपीसीएल मजबूत दिख रहा हो, लेकिन वर्तमान में चल रहा गर्मियों का सीजन इसके पसीने छुड़ा रहा है।इस समय प्रदेश में बिजली की कुल मांग 6 करोड़ यूनिट प्रतिदिन के करीब है। इसके मुकाबले उत्तराखंड को राज्य पूल से 1.8 करोड़ यूनिट और केंद्रीय पूल से 2.1 करोड़ यूनिट को मिलाकर केवल 3.9 करोड़ यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। इस भारी कमी को पूरा करने के लिए यूपीसीएल को रोजाना करीब 2 करोड़ यूनिट बिजली खुले बाजार से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है। इस संकट के कारण राज्य के कुछ फर्नेश उद्योगों में रोजाना एक से डेढ़ घंटे की घोषित कटौती भी शुरू हो गई है।