Aug 31, 2026

ऋषिकेश में स्नैपचैट पर दोस्ती के बाद 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म, पॉक्सो में मुकदमा दर्ज, आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश

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ऋषिकेश। उत्तराखंड की तीर्थनगरी ऋषिकेश से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता की तहरीर के आधार पर ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो  एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के सामने आने के बाद से पुलिस की कई टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

ऋषिकेश में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर ऋषिकेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग और आरोपी के बीच संपर्क सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट के माध्यम से हुआ था। आरोपी बाहरी क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है और घटना के बाद से फरार है। ऋषिकेश के वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी के अनुसार, मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस आरोपी की पहचान और उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून से फॉरेंसिक साइंस लैब  की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने मौके का निरीक्षण करने के साथ ही जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एकत्र किए गए साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है। पीड़िता को चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वह बातचीत कर पा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता और उसके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी और नाबालिग के बीच संपर्क सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट के जरिए होने की बात सामने आने के बाद पुलिस की जांच का एक अहम पहलू डिजिटल संपर्क भी बन गया है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि दोनों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और घटना से पहले उनके बीच किस प्रकार की बातचीत हुई थी। जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऋषिकेश में सामने आई इस घटना ने नाबालिगों की सोशल मीडिया सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस लगातार अभिभावकों से अपील करती रही है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति से संपर्क होने की स्थिति में तत्काल जानकारी लें। पुलिस प्रशासन की ओर से ऋषिकेश समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए गश्त और निगरानी बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं। पीक ऑवर में सुबह और रात की गश्त बढ़ाने, वीकेंड पर हुड़दंग और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई, किरायेदारों के सत्यापन तथा होमस्टे की निगरानी जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद आपराधिक घटनाओं के सामने आने से कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि राज्य में किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। अब ऋषिकेश में नाबालिग से जुड़े इस मामले में पुलिस के सामने आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने की चुनौती है।