Aug 31, 2026

हिमालयी आपदा में भारी तबाही: नेपाल बाढ़-भूस्खलन में 752 की मौत, 3,000 से अधिक लापता,भारत और अमेरिका ने संभाला मोर्चा

post-img

 नेपाल और उससे सटे तिब्बती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ और मूसलाधार बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 752 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि नेपाल में 2,502 लोग लापता हैं। यदि तिब्बत में लापता लोगों के आंकड़ों को भी शामिल कर लिया जाए, तो लापता लोगों की कुल संख्या 3,000 के पार पहुंच चुकी है। तबाही के बीच राहत एवं बचाव दल रात-दिन काम कर रहे हैं, जिनकी बदौलत अब तक 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। संकट की इस घड़ी में भारत और अमेरिका समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है।

भारत नेपाल को हर संभव सहायता मुहैया करा रहा है। नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार, राहत सामग्री लेकर भारत का चौथा विमान काठमांडू पहुंच चुका है। इसमें 11 टन आवश्यक सामग्री जैसे तिरपाल, कंबल, स्लीपिंग बैग और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके साथ ही, शवों की त्वरित पहचान के लिए भारत ने डीएनए विश्लेषण विशेषज्ञों और फॉरेंसिक टीमों को भेजा है। सुरंगों में खोज-बचाव के लिए विशेष उपकरण भी नेपाल भेजे गए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अनुसार, टूट चुके संपर्क मार्गों को जोड़ने के लिए भारत 230 फुट लंबे मॉड्यूलर स्टील ब्रिज और 7 अतिरिक्त बेली पुलों के निर्माण उपकरण व तकनीकी टीम नेपाल भेज रहा है। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने जानकारी दी कि अमेरिका ने नेपाल के लिए 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय मदद की घोषणा की है। इसके तहत लगभग 10,000 प्रभावित परिवारों को आपातकालीन खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान मुहैया कराया जा रहा है। आपदा में फंसे अन्य राज्यों के लोगों को निकालने के प्रयास भी तेज हैं। तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने बताया कि नेपाल में फंसे राज्य के 319 लोगों में से 219 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देशों पर दिल्ली में विशेष टीम काम कर रही है और ये सभी नागरिक 31 अगस्त तक स्वदेश लौट आएंगे। नेपाल से सटे तिब्बती क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन से मृतकों की संख्या 16 हो गई है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, तिब्बत में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें सर्वाधिक 104 नेपाल और 49 भारत के नागरिक हैं। इसके अलावा लातविया (33), अमेरिका (18) और ब्रिटेन (15) समेत कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनकी तलाश जारी है।